Hindi Poem on Rajputs

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Rajput Logo Image

Har Roj kuch naya karne wale
Mushkilo se kabhi Darte Nahi,
Aasma ko chune ka Honsala rakhte h hum
Lekin kabhi Sirjami ko Chodte nahi.,
Raste hum kathin Chunte h
lekin Manzil Pane se pehle kabi Rukte nahi,
Chahe kitne bhi Aage aa jate h hum
phir b Piche rahne walo ko bhulte nahi.,
Hamari Pehchan Hamare Sanskar h
or Hum In Sanskaro ko bhulte nahi,
to kyu rah gaye h hum aaj itna piche?
Kyuki Shayad hum aaj apno ka sath chahte nahi.,
Mat Bhulo k hum kshatriya h
jo apno ko kabi bhulate nahi,
Hum wo h jisne raaj kiya h is duniya per
apne Prem se
Phir aaj kyu hum sab Prem se rahte nahi.?
Yahi sawal ye Dhanu puchti h aap sbse
kya hum phir se vese ban skte nahi?

hukam:

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Comments

78 thoughts on “Hindi Poem on Rajputs”

  1. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  2. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  3. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  4. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  5. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  6. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  7. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

    Reply

  8. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

    Reply

  9. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

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  10. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  11. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  12. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  13. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  14. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  15. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  16. Yu to Muddato se Milta h Jeevan Rajput ka,
    Phir b ye Duniya inhe kharab kehti h,
    DHARM hamara Jaan se Pyaara hota h,
    Bas isliye ye Duniya Hame Badnam karti h.
    Jab banti h in Duniyawalo ki Jaan pe,
    Tb inhe “RAJPUTO” ki yaad aati h,
    Or tab Uthta h ek RAJPUT,
    To ye Sari Duniya use SALAM karti h.
    JAI RAJPUTANA

  17. Yu to Muddato se Milta h Jeevan Rajput ka,
    Phir b ye Duniya inhe kharab kehti h,
    DHARM hamara Jaan se Pyaara hota h,
    Bas isliye ye Duniya Hame Badnam karti h.
    Jab banti h in Duniyawalo ki Jaan pe,
    Tb inhe “RAJPUTO” ki yaad aati h,
    Or tab Uthta h ek RAJPUT,
    To ye Sari Duniya use SALAM karti h.
    JAI RAJPUTANA

  18. Yu to Muddato se Milta h Jeevan Rajput ka,
    Phir b ye Duniya inhe kharab kehti h,
    DHARM hamara Jaan se Pyaara hota h,
    Bas isliye ye Duniya Hame Badnam karti h.
    Jab banti h in Duniyawalo ki Jaan pe,
    Tb inhe “RAJPUTO” ki yaad aati h,
    Or tab Uthta h ek RAJPUT,
    To ye Sari Duniya use SALAM karti h.
    JAI RAJPUTANA

  19. BORN in the family of RAJPUTS is the biggest PRIDE n GIFT god has given us all .
    so please dont ruin it
    there is a saying
    ”kaman se nikal teer AUR rajput ke muh se nikli jaban kbhi wapis nahi aati ”
    so let us vow today that we will nevrr be engaged in evil doin n will give the best shot in whch ever field we go .
    JAI�RAJPUTANA

  20. BORN in the family of RAJPUTS is the biggest PRIDE n GIFT god has given us all .
    so please dont ruin it
    there is a saying
    ”kaman se nikal teer AUR rajput ke muh se nikli jaban kbhi wapis nahi aati ”
    so let us vow today that we will nevrr be engaged in evil doin n will give the best shot in whch ever field we go .
    JAI�RAJPUTANA

  21. BORN in the family of RAJPUTS is the biggest PRIDE n GIFT god has given us all .
    so please dont ruin it
    there is a saying
    ”kaman se nikal teer AUR rajput ke muh se nikli jaban kbhi wapis nahi aati ”
    so let us vow today that we will nevrr be engaged in evil doin n will give the best shot in whch ever field we go .
    JAI�RAJPUTANA

  22. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!naransingh

  23. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!naransingh

  24. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!naransingh

  25. Rjput Uhi Kisi Ko Tang Nahi Karta Sar Chad Jati Duniya Bul Jate Hia Log Ki Rajput Ki TALWAR KO Kabi Jang Nahi Lagta..Jai Rajputana

  26. Rjput Uhi Kisi Ko Tang Nahi Karta Sar Chad Jati Duniya Bul Jate Hia Log Ki Rajput Ki TALWAR KO Kabi Jang Nahi Lagta..Jai Rajputana

  27. Rjput Uhi Kisi Ko Tang Nahi Karta Sar Chad Jati Duniya Bul Jate Hia Log Ki Rajput Ki TALWAR KO Kabi Jang Nahi Lagta..Jai Rajputana

  28. Hamari talvaro mai dhar tb bi thi,
    or ab bi hai…
    ye riyasat tb bi hamari thi,
    or ab bi hamari hai…
    humne kisi ki baat tb bi nahi mani thi,
    or ab bi nahi manenge…
    Jisme hai dum wo hai RaJPuT
    … Jai Rajputana …

  29. Hamari talvaro mai dhar tb bi thi,
    or ab bi hai…
    ye riyasat tb bi hamari thi,
    or ab bi hamari hai…
    humne kisi ki baat tb bi nahi mani thi,
    or ab bi nahi manenge…
    Jisme hai dum wo hai RaJPuT
    … Jai Rajputana …

  30. Hamari talvaro mai dhar tb bi thi,
    or ab bi hai…
    ye riyasat tb bi hamari thi,
    or ab bi hamari hai…
    humne kisi ki baat tb bi nahi mani thi,
    or ab bi nahi manenge…
    Jisme hai dum wo hai RaJPuT
    … Jai Rajputana …

  31. यु तो मुद्दतो से मिलता ह जीवन राजपूत का ,
    फिर भी ये दुनिया इन्हें ख़राब कहती ह ,
    धर्म हमारा जान से प्यारा होता ह ,
    बस इसलिए ये दुनिया हमें बदनाम करती h.
    जब बनती ह इन दुनियावालो की जान pe ,
    तब इन्हें राजपूतो की याद आती ह ,
    और तब उठता ह एक राजपूत ,
    तो ये साडी दुनिया उसे सलाम करती ह .
    JAI रॉयल राजपूताना

  32. यु तो मुद्दतो से मिलता ह जीवन राजपूत का ,
    फिर भी ये दुनिया इन्हें ख़राब कहती ह ,
    धर्म हमारा जान से प्यारा होता ह ,
    बस इसलिए ये दुनिया हमें बदनाम करती h.
    जब बनती ह इन दुनियावालो की जान pe ,
    तब इन्हें राजपूतो की याद आती ह ,
    और तब उठता ह एक राजपूत ,
    तो ये साडी दुनिया उसे सलाम करती ह .
    JAI रॉयल राजपूताना

  33. यु तो मुद्दतो से मिलता ह जीवन राजपूत का ,
    फिर भी ये दुनिया इन्हें ख़राब कहती ह ,
    धर्म हमारा जान से प्यारा होता ह ,
    बस इसलिए ये दुनिया हमें बदनाम करती h.
    जब बनती ह इन दुनियावालो की जान pe ,
    तब इन्हें राजपूतो की याद आती ह ,
    और तब उठता ह एक राजपूत ,
    तो ये साडी दुनिया उसे सलाम करती ह .
    JAI रॉयल राजपूताना

  34. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  35. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  36. हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है !
    बाँध के साफा , जब तैयार होते है!
    देखती है दुनिया छत पर चडके
    ओर कहती है
    काश हम भी राजपूत होते.!
    हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  37. 1.KON KEHTA HAI KE BEWAFA HAI RAJPUT
    APNE AAP MEIN APNI SARKAR HAI RAJPUT
    RUN BHUMI MEIN TEJ TALWAR HAI RAJPUT
    AUR KUCH VI NAHIN TO YARON KE YAAR HAI RAJPUT
    KAMI HAI TO BUS EKTA KI VERNA SHERON WALI MATA KE SHER HAI RAJPUT
    JAI RAJPUTANA
    2.HUM HINDUSTANI CHEETE HAI
    JO APNE DUM PAR JEETE HAI

    SURESH THAKUR VILL. ASAF PUR TEH. MUKERIAN HOSHIARPUR PUNJAB-08872007817

  38. 1.KON KEHTA HAI KE BEWAFA HAI RAJPUT
    APNE AAP MEIN APNI SARKAR HAI RAJPUT
    RUN BHUMI MEIN TEJ TALWAR HAI RAJPUT
    AUR KUCH VI NAHIN TO YARON KE YAAR HAI RAJPUT
    KAMI HAI TO BUS EKTA KI VERNA SHERON WALI MATA KE SHER HAI RAJPUT
    JAI RAJPUTANA
    2.HUM HINDUSTANI CHEETE HAI
    JO APNE DUM PAR JEETE HAI

    SURESH THAKUR VILL. ASAF PUR TEH. MUKERIAN HOSHIARPUR PUNJAB-08872007817

  39. 1.KON KEHTA HAI KE BEWAFA HAI RAJPUT
    APNE AAP MEIN APNI SARKAR HAI RAJPUT
    RUN BHUMI MEIN TEJ TALWAR HAI RAJPUT
    AUR KUCH VI NAHIN TO YARON KE YAAR HAI RAJPUT
    KAMI HAI TO BUS EKTA KI VERNA SHERON WALI MATA KE SHER HAI RAJPUT
    JAI RAJPUTANA
    2.HUM HINDUSTANI CHEETE HAI
    JO APNE DUM PAR JEETE HAI

    SURESH THAKUR VILL. ASAF PUR TEH. MUKERIAN HOSHIARPUR PUNJAB-08872007817

  40. हम महाराणा प्रतापकी औलाद है…..
    हम पत्थर नही फौलाद
    है…..
    हम हिन्दुस्तानी चीते है…..
    जो अपने दम पर जीते

  41. हम महाराणा प्रतापकी औलाद है…..
    हम पत्थर नही फौलाद
    है…..
    हम हिन्दुस्तानी चीते है…..
    जो अपने दम पर जीते

  42. हम महाराणा प्रतापकी औलाद है…..
    हम पत्थर नही फौलाद
    है…..
    हम हिन्दुस्तानी चीते है…..
    जो अपने दम पर जीते

  43. ladne se koyi saput nahi hota
    tyag nahi karne se koyi kaput nahi hota
    lakho barso ki tapsya ka fal he yaro aese hi koyi RAJPUT nahi hota
    jay RAJPUTANA

  44. ladne se koyi saput nahi hota
    tyag nahi karne se koyi kaput nahi hota
    lakho barso ki tapsya ka fal he yaro aese hi koyi RAJPUT nahi hota
    jay RAJPUTANA

  45. ladne se koyi saput nahi hota
    tyag nahi karne se koyi kaput nahi hota
    lakho barso ki tapsya ka fal he yaro aese hi koyi RAJPUT nahi hota
    jay RAJPUTANA

  46. BO PEHLA RAJPUT HI THA JO APNE DESH KE LADA APNE PRAJA KE LIYE LADA APNE RAJY KE LIYE LADA. ARE BO RAJPUT HI THA JISNE KHUSHI KHUSHI APNE PRAN NICHABAR KAR DEYE SIRF APNI MATR BOOMI KE LIYE.

    CHALO RAJPUT BAIYO AAJ PRAN LE KI HUM SABHI APNE RAJPUTANE KI SHAAN KO KOI BHI KALNK NA LAGNE DE RAJPUTANE KE AAN BAAN SHAAN KO BARKAR RAKHE GE…

    BAIYO DESH KE LIYE AISE KAM KARO KI DOOSRA INSAAN JAB BHI MUSIBAT ME PATE TO SABH SE PEHLE USE MADAT KE LIYE RAJPUT KA NAAM HI YAAD AAE

    JAI RAJPUTANA JAI RAJPUTANA JAI RAJPUTANA

  47. BO PEHLA RAJPUT HI THA JO APNE DESH KE LADA APNE PRAJA KE LIYE LADA APNE RAJY KE LIYE LADA. ARE BO RAJPUT HI THA JISNE KHUSHI KHUSHI APNE PRAN NICHABAR KAR DEYE SIRF APNI MATR BOOMI KE LIYE.

    CHALO RAJPUT BAIYO AAJ PRAN LE KI HUM SABHI APNE RAJPUTANE KI SHAAN KO KOI BHI KALNK NA LAGNE DE RAJPUTANE KE AAN BAAN SHAAN KO BARKAR RAKHE GE…

    BAIYO DESH KE LIYE AISE KAM KARO KI DOOSRA INSAAN JAB BHI MUSIBAT ME PATE TO SABH SE PEHLE USE MADAT KE LIYE RAJPUT KA NAAM HI YAAD AAE

    JAI RAJPUTANA JAI RAJPUTANA JAI RAJPUTANA

  48. BO PEHLA RAJPUT HI THA JO APNE DESH KE LADA APNE PRAJA KE LIYE LADA APNE RAJY KE LIYE LADA. ARE BO RAJPUT HI THA JISNE KHUSHI KHUSHI APNE PRAN NICHABAR KAR DEYE SIRF APNI MATR BOOMI KE LIYE.

    CHALO RAJPUT BAIYO AAJ PRAN LE KI HUM SABHI APNE RAJPUTANE KI SHAAN KO KOI BHI KALNK NA LAGNE DE RAJPUTANE KE AAN BAAN SHAAN KO BARKAR RAKHE GE…

    BAIYO DESH KE LIYE AISE KAM KARO KI DOOSRA INSAAN JAB BHI MUSIBAT ME PATE TO SABH SE PEHLE USE MADAT KE LIYE RAJPUT KA NAAM HI YAAD AAE

    JAI RAJPUTANA JAI RAJPUTANA JAI RAJPUTANA

  49. Rajput and Rajput only here,

    Hum Maharana Pratap ki oolad hai,
    Hum patter nahi pholad hai,
    Hum Hindustani Chite hai,
    Hum apne dam par jite hai.

    JAI MAHARANA,
    . JAI RAJPUTANA

  50. Rajput and Rajput only here,

    Hum Maharana Pratap ki oolad hai,
    Hum patter nahi pholad hai,
    Hum Hindustani Chite hai,
    Hum apne dam par jite hai.

    JAI MAHARANA,
    . JAI RAJPUTANA

  51. Rajput and Rajput only here,

    Hum Maharana Pratap ki oolad hai,
    Hum patter nahi pholad hai,
    Hum Hindustani Chite hai,
    Hum apne dam par jite hai.

    JAI MAHARANA,
    . JAI RAJPUTANA

  52. हाथ में उठाकर तलवार,
    जब घोड़े पे सवार होते है ! बाँध के साफा,
    जब तैयार होते है! देखती है दुनिया छत पर चडके ओर कहती है,
    काश हम भी राजपूत होते.! हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं,
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं,
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं,
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  53. हाथ में उठाकर तलवार,
    जब घोड़े पे सवार होते है ! बाँध के साफा,
    जब तैयार होते है! देखती है दुनिया छत पर चडके ओर कहती है,
    काश हम भी राजपूत होते.! हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं,
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं,
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं,
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

  54. हाथ में उठाकर तलवार,
    जब घोड़े पे सवार होते है ! बाँध के साफा,
    जब तैयार होते है! देखती है दुनिया छत पर चडके ओर कहती है,
    काश हम भी राजपूत होते.! हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं,
    तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं,
    हम राजपूत वीरो का जब सोया अभिमान जगता हैं,
    तब महाकाल भी चरणों पे प्राणों की भीख मांगता ह

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